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शुरू हो गया है सपा और प्रसपा में जोड़-तोड़ का ड्रामा

Reported by lokpal report | 20 Feb 2019



लखनऊ: पत्रकार अरविन्द विद्रोही 16 फरवरी को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) से निलंबित होने के बाद अब यह कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। हालाँकि 12 फरवरी को ही अरविन्द ने प्रसपा की सदस्यता छोड़ने का ऐलान कर दिया था। अरविन्द विद्रोही प्रसपा के फाउंडर सदस्य थे और शिवपाल सिंह यादव के काफी करीबी माने जाते थे। 

विद्रोही के अनुसार पार्टी में उनके विरुद्ध साजिशें हो रही थीं जबकि प्रसपा के निलंबन पत्र में उनके निलंबन का कारण पार्टी विरोधी गतिविधियों व उनके विरुद्ध गंभीर शिकायतें बताई गई हैं। विद्रोही प्रसपा के आधिकारिक प्रवक्ता के पद पर थे।

कभी सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव द्वारा लोकसभा सत्र के अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनने की शुभकामना देने पर विद्रोही ने उनपर फैमिली ड्रामा करने का तंज कसा था। लेकिन सोशल मीडिया पर (फेसबुक) उन्होंने कल लिखा है "समाजवादी आंदोलन के वरिष्ठ नेता हैं आप । आपके द्वारा स्नेह ,आशीर्वाद एवं प्रेम पूर्वक बोले गए शब्द किसी भी सच्चे समाजवादी में ऊर्जा का संचार कर देते हैं , उसके मन को उत्साह से भर देते हैं । आपका इशारा ,आपके निर्देश ही आदेश रहा सदैव मेरे लिए ,कल भी ,आज भी और कल भी रहेगा"।

इसके बाद अब यह कयास लगना शुरू हो गया है कि जल्द ही वह सपा में शामिल होना का ऐलान कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह प्रसपा के लिए एक बड़ा झटका होगा जबकि सपा इसे एक मुद्दा बना सकती है। 

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