लोकसभा चुनाव से ठीक पहले छोटे व्यवसायियों के लिए मोदी सरकार ने खोला दिल

Reported by lokpal report

10 Jan 2019

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नई दिल्ली : वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत छोटे व्यवसायियों को थोड़ी राहत प्रदान करते हुए, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 1 अप्रैल, 2019 से 1 करोड़ रुपये से 1.5 करोड़ रुपये सालाना कारोबार छूट सीमा बढ़ाते हुए 1.5 करोड़ रुपये कर दिया. गौरतलब है कि इस वर्ष लोकसभा चुनाव भी होने हैं. 

नई दिल्ली में जीएसटी परिषद की बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए जेटली ने कहा, “जो लोग कंपोजिशन स्कीम के तहत आते हैं, वे कर का भुगतान करेंगे, लेकिन रिटर्न वर्ष में केवल एक बार रिटर्न फाइल किया जाएगा. जीएसटी छूट की सीमा को दोगुना कर 40 लाख रुपये वार्षिक कारोबार और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए 20 लाख रुपये कर दिया गया है”.

जीएसटी कंपोजिशन स्कीम के नए दायरा के तहत छोटे व्यापारियों और व्यवसायों को मूल्य वृद्धि के बजाय टर्नओवर के आधार पर एक छोटे कर का भुगतान करना होता है जिसकी सीमा अब एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दिया गया है.

उन्होंने यह भी कहा कि छोटी कंपनियों के पास जीएसटी कर के दायरे से बाहर निकलने का विकल्प होगा क्योंकि यह अब सेवाओं और माल प्रदाताओं को कंपोजिशन टैक्स का लाभ मिलेगा.

जीएसटी परिषद ने केरल को दो साल तक की अवधि के लिए अंतर-राज्यीय बिक्री पर 1 प्रतिशत आपदा उपकर लगाने की अनुमति दी है. गुड्स एंड सर्विस टैक्स के तहत अचल संपत्ति और लॉटरी को शामिल करने पर, परिषद ने बैठक में विभिन्न मतभेदों के बाद मंत्रियों का सात सदस्यीय समूह बनाने का फैसला किया है.

MSME की छूट सीमा बढ़ाने का सुझाव मंत्री पैनल के सदस्य व बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने उठाया था, जिन्होंने कहा था कि मंत्रालय ने सर्वसम्मति से कहा था कि छूट की सीमा बढ़ाई जानी चाहिए, लेकिन विभिन्न राज्यों से अलग-अलग सुझाव थे और अंतिम निर्णय जीएसटी परिषद द्वारा लिया जाएगा.

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