फेक न्यूज़ : सुबह की चाय के साथ फेक न्यूज़ में ऊंघता भारत और हिंसक होती भीड़

Reported by lokpal report

06 Jul 2018

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नई दिल्ली : इस साल की शुरुआत में 'गुड मॉर्निंग' के सन्देश ने कई सुर्खियां बटोरीं. गूगल ने वायरस सरीखी गड़बड़ियों की खोज की और इनके तकनीशियनों ने जल्द ही इसका समाधान करने पर काम करना शुरू कर दिया.

इस रिपोर्ट के प्रकाशित होने के महज 6 महीने बाद भारत अब व्हाट्सएप पर संदेशों से संबंधित एक और महत्वपूर्ण समस्या का सामना कर रहा है.  भारत में व्हाट्सएप के जरिये फेक न्यूज़ और फेक वीडियो के वायरल होने से मॉब लिंचिंग की कई घटनाएं हो गई हैं.

व्हाट्सएप के उपयोगकर्ता इन वीडियोज़, खबरों और तस्वीरों को देखकर यह सोचने पर मजबूर हो रहे हैं कि आखिर देश किस दिशा में जा रहा है.

हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, व्हाट्सएप के माध्यम से फैले संदेशों से भारत के विभिन्न हिस्सों में भीड़ हिंसा के कई मामले हुए हैं. ऐसे संदेशों की विश्वसनीयता न होने के बावजूद, हमारे समाज का बड़ा हिस्सा उन पर अंधाधुंध विश्वास करता है.

पिछले कुछ महीनों में, नकली वीडियो और समाचार रिपोर्टों को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों वायरल किया गया, जिसने न केवल लोगों के बीच गुस्से और तनाव को बढ़ावा दिया, बल्कि इसके परिणामस्वरूप कई निर्दोष लोगों की मौत भी हुई है.

महाराष्ट्र, असम, तमिलनाडु के मामलों पर व्यापक रूप से मीडिया में चर्चा की गई है. लेकिन कई ऐसे भी अन्य मामले हैं जो अज्ञात रह गए.  मई से व्हाट्सएप पर प्रसारित संदेशों से संबंधित हिंसा में भारत भर में एक दर्जन से ज्यादा लोग मारे गए हैं. हालाँकि सरकार ने व्हाट्सएप पर फर्जी संदेशों की जांच का दबाव बढ़ा दिया है.

उससे पहले भारत को भी 'गुड मॉर्निंग' संदेशों के जरिये मिलने वाले फर्जी संदेशों और उनके पालन से बचना होगा जो लोगों में नफ़रत और हिंसा को उकसाते हैं.

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