चुनावी वर्ष में मोदी सरकार के बजट ने किसानों व व्यापारियों को कितना किया खुश

Reported by lokpal report

01 Feb 2019

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नई दिल्ली : केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार लोकसभा चुनावों में जाने से पहले अपना अंतिम बाण छोड़ चुकी है. कार्यकारी वित्त मंत्री पीयूष गोयल द्वारा पेश किया गया अंतरिम बजट 2019, मध्यम वर्ग, किसानों और असंगठित क्षेत्र पर केंद्रित है. गौरतलब है कि ये वही वर्ग है जिसके असंतोष की वजह से भाजपा को तीन हिंदी भाषी राज्यों से अपनी सरकार से हाथ धोना पड़ा था. 

मध्यम वर्ग के लिए कर का विकल्प पेश करते हुए, गोयल ने 5 लाख रुपये तक वार्षिक आय पर आयकर भरने से राहत दी है. वहीं दो हेक्टेयर (5 एकड़) से कम भूमि वाले किसानों के लिए 6,000 रुपये वार्षिक प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण की घोषणा की. यह ऐसी योजना है जिसमें प्रति वर्ष 75,000 करोड़ रुपये व्यय होने की संभावना है.

लोकसभा में कांग्रेस के नेता, मल्लिकार्जुन खड़गे ने बजट को भाजपा का "चुनावी घोषणा पत्र" कहा और नरेंद्र मोदी सरकार पर लोकसभा चुनावों से पहले मतदाताओं को रिश्वत देने का आरोप लगाया.

दूसरी तरफ पीएम मोदी ने कहा कि अंतरिम बजट समाज के सभी वर्गों को छूता है और इसमें सभी को शामिल किया गया है. उन्होंने कहा कि यह महज एक "ट्रेलर" है जो लोकसभा चुनाव के बाद भारत को समृद्धि की ओर ले जाएगा. दूसरी ओर, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने किसानों के लिए नयी योजना पर मोदी के नेतृत्व वाली सरकार सवालिया निशान लगाया. 
 उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि “आपकी अक्षमता और अहंकार के 5 वर्षों ने हमारे किसानों के जीवन को तबाह कर दिया है. आपने उन्हें उन्हें रु. 17 प्रतिदिन के लायक समझा जो किसानों का घोर अपमान है. कांग्रेस प्रमुख ने hastag #AakhriJumlaBudget के साथ इसे ट्वीट किया.

अगले वित्त वर्ष से कर छूट सीमा को 5 लाख रुपये तक दोगुना करने की योजना से तीन करोड़ वेतनभोगी वर्ग, पेंशनभोगी, स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों को सालाना 18,500 करोड़ रुपये की आय होगी. इसके अलावा, जो लोग अधिक बचत करते हैं, वे प्रभावी रूप से इस छूट को 6.5 लाख रुपये तक बढ़ा सकते हैं.

अपने देश घंटों के बजटीय भाषण में पीयूष गोयल ने कहा कि “5 लाख रुपये तक की कर योग्य वार्षिक आय वाले व्यक्तिगत करदाताओं को पूर्ण कर छूट मिलेगी और इसलिए उन्हें किसी भी आयकर का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी. इसके परिणामस्वरूप, 6.50 लाख रुपये तक की सकल आय वाले व्यक्तियों को भी भविष्य निधि, निर्दिष्ट बचत, बीमा आदि में निवेश करने पर किसी भी आयकर का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी''. 

चूंकि यह एक छूट है और स्लैब में बदलाव नहीं है, इसलिए यह बड़ी आय वाले लोगों पर को प्रभावित नहीं करेगा. हालांकि इसका उन लोगों पर कुछ प्रभाव पड़ेगा जिनकी तनख्वाह 10 लाख रुपये से कम है क्योंकि वे अतिरिक्त राहत पाने के लिए होम लोन और ट्यूशन फीस जोड़कर कर से छूट हासिल कर सकते हैं.

इसके अलावा, स्टैंडर्ड डिडक्शन, जिसे बजट 2018 में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पहले पेश किया गया था, को मौजूदा 40,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया गया है. 

विपक्ष के दबाव में, जिसने किसानों की कर्जमाफी के साथ मतदाताओं को लुभाने और गरीबों के लिए कल्याणकारी अनुदान का वादा किया है, को गोयल ने प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि (PMKSN) की घोषणा करके कृषक समुदाय को अपने पाले में करने का प्रयास किया है.

योजना के तहत, 2 हेक्टेयर से कम के 12 करोड़ छोटे और सीमांत किसानों को उनके बैंक खातों में एक साल में तीन किस्तों में 6,000 रुपये प्रदान किए जाएंगे, यह कहते हुए कि यह योजना न केवल किसानों के लिए एक सुनिश्चित आय प्रदान करेगी, बल्कि फसल के मौसम के दौरान आपातकालीन लागत को भी कवर करेगी, गोयल ने कहा कि पीएमकेएसएन को चालू वित्त वर्ष से 20,000 करोड़ रुपये की लागत से लागू किया जाएगा.

वित्त मंत्री ने प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के लिए दो प्रतिशत ब्याज उपबंध की घोषणा की, जबकि समय से या समय से पहले ऋण का भुगतान करने वाले किसानों को तीन प्रतिशत byaj से छूट मिलेगी. हालांकि, कृषि आय समर्थन योजना के परिणामस्वरूप सरकार को चालू वर्ष से अपने 3.3 प्रतिशत राजकोषीय घाटे के लक्ष्य में संशोधन करना पड़ेगा.

असंगठित क्षेत्र को लक्षित कर जो कम वेतन और खराब कार्य स्थितियों के कारण सरकार से नाराज था और 8-9 जनवरी को दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल किया था, के लिए गोयल ने श्रमिकों के लिए एक पेंशन योजना की घोषणा की, जिसे प्रधान श्रम योगी मानधन कहा गया है.

इस योजना के तहत, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को 60 वर्ष की आयु के बाद 3,000 रुपये की एक सुनिश्चित मासिक पेंशन प्रदान की जाएगी. हालांकि, योजना का लाभ उठाने के लिए, श्रमिकों को प्रति माह 100 रुपये का योगदान करना होगा.

पीयूष ने अपने भाषण में कहा कि “यह योजना, जो 10 करोड़ श्रमिकों को लाभान्वित करेगी, इस वित्तीय वर्ष से ही लागू की जाएगी. यह पाँच वर्षों में असंगठित क्षेत्र के लिए दुनिया की सबसे बड़ी पेंशन योजना बन सकती है, गोयल ने अगले वित्त वर्ष से ग्रेच्युटी की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये करने की भी घोषणा की.

बजट में रेलवे और रक्षा के लिए बजट में वृद्धि देखी गई. रेलवे के लिए 1.58 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय आवंटित किया गया है और रक्षा बजट को 2019-20 में बढ़ाकर 3 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है.

पीयूष ने कहा कि “वंदे भारत एक्सप्रेस जो कि स्वदेशी रूप से विकसित सेमी-हाई स्पीड ट्रेन है, भारतीय यात्रियों को विश्व स्तरीय अनुभव देगी. हमारे इंजीनियरों द्वारा पूर्ण रूप से विकसित तकनीक में यह बड़ी छलांग, मेक इन इंडिया कार्यक्रम को गति प्रदान करेगी और रोजगार का सृजन करेगी”.

गोयल ने अपने गृह राज्य हरियाणा में देश के 22 वें नए एम्स की भी घोषणा की. उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश में 21 एम्स संचालित हो रहे हैं या स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें से 14 एम्स 2014 के बाद घोषित किए गए हैं.

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