जीएसटी के दो साल पूरे होने पर बोले जेटली, 'बढ़ा है राजस्व और अब हो सकती हैं सिर्फ दो दरें"

Reported by lokpal report

01 Jul 2019

81

 

नई दिल्ली : पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को कहा कि राजस्व में वृद्धि के साथ देश में प्रभावी रूप से माल और सेवा कर (जीएसटी) की दो दरें हो सकती हैं। हालांकि, उन्होंने एकल स्लैब जीएसटी को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि ऐसी व्यवस्था केवल "अत्यंत संपन्न" देशों में ही संभव है, जहां गरीब लोग नहीं हैं।

अपने ब्लॉग पर लिखते हुए जेटली ने कहा कि "जैसे ही राजस्व में वृद्धि होती है, यह नीति निर्माताओं को 12% और 18% स्लैब को एक दर में विलय करने का बढ़िया अवसर देगा, इस प्रकार, जीएसटी को प्रभावी रूप से दो स्लैबों में बाँट दिया जाएगा"।वहीं जेटली ने कहा कि 'भारत में जीएसटी में एक दर प्रणाली को कभी लागू नहीं किया जा सकता है। जेटली ने ब्लॉग में कहा, "जिन देशों में बड़ी संख्या में लोग गरीबी रेखा के नीचे रह रहे हों वहां एकल दर लागू करना मुमकिन नहीं होगा।"

उन्होंने कहा “प्रत्यक्ष कर एक प्रगतिशील कर है। जितना अधिक आप कमाते हैं, उतना अधिक भुगतान करते हैं। अप्रत्यक्ष कर एक प्रतिगामी कर है। पूर्व-जीएसटी शासन में, अमीर और गरीब, विभिन्न वस्तुओं पर, एक ही कर का भुगतान करते थे। बहुदरीय प्रणाली ने न केवल मुद्रास्फीति पर नियंत्रण लगया बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि आम आदमी द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाले उत्पादों पर अत्यधिक कर नहीं लगाया गया ”।

उन्होंने कहा कि 'हवाई चप्पल' और 'मर्सिडीज कार' पर एक ही दर से कर नहीं लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि “यह सुझाव नहीं है कि स्लैब कम करने की आवश्यकता नहीं है। वह प्रक्रिया पहले से ही चालू है। विलासिता की वस्तुओं को छोड़कर, 28% स्लैब को लगभग समाप्त कर दिया गया है। शून्य और 5% स्लैब हमेशा रहेंगे”।

1 जुलाई 2017 'एक देश एक कर' के रूप में प्रभाव में आई जीएसटी की रूप रेखा बनाने में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली का बड़ा योगदान रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिपरिषद से बाहर होने के बाद जेटली का यह पहला ब्लॉग है। उनका पिछला ब्लॉग एग्जिट पोल पर था जिसमें पीएम मोदी की स्पष्ट जीत की भविष्यवाणी की गई थी।

(पाइए हर खबर अपने फेसबुक पर । LIKE कीजिये PUBLICLOKPAL का फेसबुक पेज)

निम्नलिखित टैग संबंधित खबरें पढ़े :

# arun jaitley # gst # goods and service tax # public lokpal # plnews