नवरात्रि में सातवें दिन होती है देवी कालरात्रि की पूजा

Reported by lokpal report

23 Oct 2020

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आज अश्विन मास की नवरात्रि की सप्तमी तिथि है. इस दिन देवी कालरात्रि की पूजा होती है. इससे पहले देवी के नौ रूपों के बारे में जान लेते हैं. 

देवी दुर्गा के नौ रूप कौन कौन से है

''प्रथम् शैल-पुत्री च, द्वितीयं ब्रह्मचारिणि
तृतीयं चंद्रघंटेति च चतुर्थ कुष्मांडा
पंचम् स्कन्दमातेती, षष्टं कात्यानी च
सप्तं कालरात्रेति, अष्टं महागौरी च
नवमं सिद्धिदात्रि''

कालरात्रि (माँ का भयंकर रूप)

माँ दुर्गा का सातवाँ रूप है. कालरात्रि काली रात की तरह हैं. उनके बाल बिखरे हैं, वह चमकीले आभूषण पहनती हैं. उनकी तीन उजली ऑंखें हैं. जब वह साँस लेती हैं तो उनसे आग की लपटे निकलती हैं.  वह गर्दभ की सवारी करती हैं. उनके दाहिने हाथ तलवार है. उनका निचला हाथ आशीर्वाद के लिए है. बाएं हाथ में जलती हुई मशाल हैं और निचले बायां हाथ अभयदान की मुद्रा में हैं. उन्हें "शुभकुमारी" भी कहा जाता है जिसका मतलब है जो हमेश अच्छा करती हैं.

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