मुजफ्फरपुर शेल्टर केस में सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार के रवैये पर उठाया सवाल, बोले 'शर्मनाक है यह'

Reported by lokpal report

27 Nov 2018

43

 


नई दिल्ली : मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में बालिकाओं के साथ हुए यौन उत्पीड़न मामले में बिहार सरकार की हीलाहवाली से नाराज हुए सुप्रीम कोर्ट ने आज बिहार सरकार पर जमकर फटकार लगाई. मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि बिहार सरकार ने सही ढंग से प्राथमिकी दर्ज नहीं कि, जो कि बेहद शर्मनाक है. अदालत ने मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 377 और पॉस्को की धारा जोड़ने के लिए नीतीश कुमार सरकार को एक दिन का समय दिया है.

अदालत ने पूछा, "आप (बिहार सरकार) क्या कर रहे हैं?" "यह शर्मनाक है. एक तरफ बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न हुआ है, आप कहते हैं कि यह कुछ भी नहीं है? भला आप कैसे कर सकते हैं? यह अमानवीय है. हमें बताया गया कि मामले को बड़ी गंभीरता से देखा जाएगा, यह गंभीरता है? हर बार जब मैं इस फाइल को पढ़ता हूं तो यह बेहद दुख होता है".

अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के वकील से यह जांचने के लिए पूछा कि क्या एजेंसी टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज की एक रिपोर्ट में नामित राज्य में 17 में से 9 आश्रय घरों की पड़ताल कर सकती है? यह वही एजेंसी है जिसने अप्रैल में मुजफ्फरपुर आश्रय घर में रह रही नाबालिग बालिकाओं के साथ हुए यौन शोषण के बारे में पता किया था. टीआईएसएस ने राज्य सरकार के निर्देश पर राज्य के 110 आश्रय घरों की एक लेखापरीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत की थी. अधिकारियों ने 31 मई को 11 लोगों के खिलाफ पहली सूचना रिपोर्ट दायर की. एक चिकित्सा रिपोर्ट ने मुजफ्फरपुर आश्रय में 34 बालिकाओं के साथ यौन उत्पीड़न की पुष्टि की थी.

(पाइए हर खबर अपने फेसबुक पर । LIKE कीजिये PUBLICLOKPAL का फेसबुक पेज)

निम्नलिखित टैग संबंधित खबरें पढ़े :

# mujaffarpur shelter home case # supreme court # public lokpal # plnews