उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस सावधान ! ये बाग़ी बलिया की घटना है, आसानी से क़ाबू नहीं आएँगे बलियाटी

Reported by lokpal report

25 Aug 2020

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बलिया: प्रदेश की राजधानी लखनऊ से करीब 260 किलोमीटर दूर पूर्वी यूपी के बलिया में अपने घर के पास एक प्राइवेट समाचार चैनल को ख़बरें मुहैया कराने वाले स्थानीय पत्रकार रतन सिंह की सोमवार सुबह करीब 9 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई। अपराधियों ने उन्हें घेरकर गोलियां बरसाईं। वह 42 वर्ष के थे।

पत्रकार की सरेशाम हत्या के बाद सम्पूर्ण मीडिया जगत सकते में है। योगी सरकार में बेख़ौफ़ हत्यारों का हौंसला चरम पर है। इससे पहले हाल ही में कानपुर के एक स्थानीय पत्रकार की गोली मारकर हत्या के बाद यह तीसरी घटना है। पिछले महीने यूपी के गाजियाबाद में उनकी दो बेटियों के सामने एक और पत्रकार विक्रम जोशी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

बीती रात में पत्रकारों ने एनएच 31 हाईवे को जाम कर अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शन किया। पत्रकारों का कहना था कि पत्रकारों का दमन और अब उनकी हत्या गंभीर प्रश्न खड़े करती है। उत्तर प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। पत्रकार की हत्या इस बात का स्पष्ट प्रमाण है।

वहीं प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने बताया कि बलिया में पत्रकार रतन सिंह की गोली मारकर हत्या करने वाला उनका पट्टी दार दिनेश सिंह हैं। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी होगी। 4 महीने पूर्व इन दोनों लोगों के बीच आपसी झगड़ा हुआ था। स्थानीय पत्रकारों ने मिलकर के दोनों तरफ से हुई है एफ आई आर के बाद पत्रकार रतन सिंह का नाम अलग करा दिया गया था। आज सुबह मामूली बात पर ही ग्राम प्रधान  के बुलाने पर विरोधियों ने उन पर लाठी-डंडों से वार कर गोली मारकर हत्या कर दी। यह दोनों का आपसी विवाद एक दीवार को लेकर लंबे समय से चला आ रहा है। उम्मीद है जल्द ही आरोपी गिरफ्तार हो जाएंगे।

हालाँकि, पत्रकार के पिता ने पुलिस के इस दावे को खारिज कर दिया है। बिनोद सिंह ने देर रात के बयान में पत्रकारों से कहा, "कोई संपत्ति विवाद नहीं था। कृपया मौके पर जाएं और खुद देखें। पुलिस कहानी को घुमा रही है।"

हमले में कथित रूप से शामिल सभी तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

सुभाष दुबे, पुलिस उप महानिरीक्षक, आजमगढ़ रेंज ने संवाददाताओं को बताया "आरोपियों ने संपत्ति के चारों ओर एक बाउंड्री निर्माण किया था। आरोपियों जमीन पर अपनी हिस्सेदारी का दावा कर रहे थे जिसे पत्रकार ने ख़ारिज कर दिया था। मामले को लेकर झगड़ा हुआ और पत्रकार पर हमला किया गया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। संपत्ति विवाद और पुरानी दुश्मनी को हमले के पीछे का कारण माना जाता है"। उन्होंने कहा "मैं फिर से कह रहा हूँ कि घटना का मृतक के पत्रकार होने से कोई लेना देना नहीं था''।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकार के परिवार के लिए10 लाख के मुआवजे की घोषणा की है।

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