समझौता एक्सप्रेस विस्फोट में मारे गए 68 लोगों को किसी ने नहीं मारा! बरी हुए सभी आरोपी 

Reported by lokpal report

20 Mar 2019

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पंचकुला: पंचकुला में विशेष एनआईए अदालत ने बुधवार को समझौता एक्सप्रेस विस्फोट मामले में सभी चार आरोपियों -स्वामी असीमानंद, लोकेश शर्मा, कमल चौहान और राजिंदर चौधरी को बरी कर दिया।

इससे पहले आज, अदालत ने मामले में पाकिस्तान की रहीला वक़ील द्वारा दायर एक आवेदन को खारिज कर दिया।

अदालत 11 मार्च को मामले में फैसला सुनाने वाली थी लेकिन आखिरी मिनट में राहिला वकील की याचिका के कारण फैसले को टाल दिया गया था। रहीला ने अपनी याचिका में दावा किया था कि वह उस पाकिस्तानी नागरिक की बेटी है, जो 2007 के विस्फोट में मारे गए थे। राहिला ने कहा कि उनके पास इस मामले में और अधिक सबूत हैं, जिसे वह रिकॉर्ड पर रखना चाहती हैं।

फैसला आने के फौरन बाद, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इसे "घटिया मुकदमा" बताते हुए इसकी निंदा की और ट्वीट किया: "68 मारे गए और कोई भी इसका जिम्मेदार नहीं है, जैसा इंसाफ किया गया है, उसके बारे में कुछ नहीं कहना है।  क्या जानबूझकर दोषियों की सुनवाई में इतनी देरी की गई जिससे इस घटिया मुकदमें में सभी आराम से बरी हो सकें?

समझौता एक्सप्रेस ट्रेन में विस्फोट 18 फरवरी, 2007 को हरियाणा के पानीपत के पास हुआ, जिसमें 68 यात्री मारे गए थे और 12 अन्य घायल हो गए थे, इनमे अधिकतर पाकिस्तानी नागरिक थे।  समझौता एक्सप्रेस के दो डिब्बों में विस्फोट हुआ और उसके बाद भारी तबाही हुई।

मामले की शुरुआत में हरियाणा पुलिस द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा जांच की गई थी, जिसे बाद में जुलाई 2010 में एनआईए को सौंप दिया गया था। एनआईए ने 2011 में आठ लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया। स्वामी असीमानंद, लोकेश शर्मा, कमल चौहान, और राजिंदर चौधरी को विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, रेलवे अधिनियम और अन्य के तहत हत्या और आपराधिक साजिश के आरोपों के तहत नामदर्ज किया गया।

शेष आरोपियों में से, आतंकी हमले के मास्टरमाइंड सुनील जोशी की दिसंबर 2007 में मध्य प्रदेश के देवास जिले में उनके घर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि अन्य तीन - रामचंद्र कलसांगरा, संदीप डांगे और अमित अपराधी घोषित किये जा चुके थे।

अपनी चार्जशीट में एनआईए ने दावा किया कि आरोपी 2002 के गुजरात के अक्षरधाम मंदिर और जम्मू के रघुनाथ मंदिर और 2006 में संकट मोचन मंदिर में बम विस्फोट का बदला लेना चाहते थे।

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