बालाकोट हमले पर एक बार फिर बीजेपी की सियासत, आचार संहिता को रखा ताक पर

Reported by lokpal report

30 Mar 2019

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अहमदाबाद : देश में आम चुनाव का माहौल है। 11 मार्च को चुनाव की तारीखों की घोषणा होने के साथ ही आदर्श आचार संहिता पूरे देश में प्रभावी है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों को सख्त हिदायत दी है कि वे अपने चुनावी प्रचारों में देश की सैन्य उपलब्धियों या असफलताओं का इस्तेमाल न करें। फिर भी लगातार सरकार व उसके मंत्री तथा सरकार से जुड़े राजनीतिक दलों द्वारा अपने चुनावी प्रचार के दौरान बालाकोट हमले की कथित उपलब्धियों का जिक्र कर ही दिया जाता है।

ऐसा ही कुछ नज़ारा आज भी तब दिखा जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह अपना नामांकन करने एनडीए के तमाम घटकों के साथ अहमदाबाद पहुंचे। शक्ति प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बालाकोट हवाई हमले को सरकार की उपलब्धि बताते हुए सवाल कर लिया कि अगर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को पाकिस्तान को विभाजित करने के लिए श्रेय दिया जा सकता है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बालाकोट हवाई हमले का श्रेय क्यों नहीं मिलना चाहिए।

राजनाथ सिंह यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि "यह हमारी सेनाओं की बहादुरी थी कि उन्होंने पाकिस्तान को दो हिस्सों में बांट दिया। एक पाकिस्तान और दूसरा बांग्लादेश। उन्होंने कहा कि "युद्ध के बाद, हमारे नेता ए बी वाजपेयी ने संसद में इंदिरा गांधी की प्रशंसा की। पूरे देश में उनकी प्रशंसा की गई।"

पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए देश के निवर्तमान गृह मंत्री ने कहा, "जब हमारे 40-42 सीआरपीएफ के जवानों ने एक फिदायीन हमले में अपनी जान गंवा दी, तो मोदीजी ने हमारी सेनाओं खुली छूट दे दी"। राजनाथ ने पूछा "यदि इंदिरा गांधी को 1971 में पाकिस्तान को विभाजित करने का श्रेय मिल सकता है, तो मोदीजी को बालाकोट में जो कुछ भी किया गया है, उसका श्रेय क्यों नहीं मिलना चाहिए"।

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