अंतरिम बजट 2019: कृषि, रियल एस्टेट व बैंकिंग क्षेत्रो के बड़ी घोषणाओं की संभावना

Reported by lokpal report

01 Feb 2019

123

 

 

नई दिल्ली: अब से कुछ ही घंटों में, नरेंद्र मोदी सरकार अपने वर्तमान लोकसभा सत्र का आखिरी बजट पेश करेगी. अप्रैल-मई में होने वाले आम चुनावों से पहले आने वाले, अंतरिम बजट में विभिन्न क्षेत्रों - कृषि, बैंकिंग, रियल एस्टेट और रेलवे पर प्रमुख रूप से ध्यान दिए जाने की संभावना है.

किसानों के लिए:
अरुण जेटली की गैर मौजूदगी में रेल मंत्री पीयूष गोयल बतौर कार्यकारी वित्त मंत्री, बजट पेश कर रहे हैं. भारत के हर परिवार को 8000 रुपये सालाना भत्ता देने का प्रस्ताव पेश कर सकते हैं. 3 लाख रुपये तक के ऋण को ब्याज मुक्त बनाया जा सकता है. यह भी संभावना है कि सरकार यह घोषणा कर सकती है कि 2-3 लाख रुपये के ऋण के लिए, किसानों को कुछ भी बंधक रखने की आवश्यकता नहीं होगी. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) को इस अंतरिम बजट में 15,000 करोड़ रुपये का फंड मिल सकता है. यह भी संभावना है कि सरकार फसल बीमा पर प्रीमियम माफ कर सकती है. समय पर भुगतान करने वाले किसानों के लिए फसली ऋण पर ब्याज माफ करने की संभावना है.

रियल एस्टेट:

इस बजट में रियल एस्टेट सेक्टर में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स दर को कम करने की संभावना है. रियल एस्टेट सेक्टर में सरकार होम लोन के ब्याज पर आयकर छूट को मौजूदा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये तक कर सकती है. वे आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत होम लोन की मूल राशि पर अतिरिक्त छूट की उम्मीद भी कर रहे हैं. जीएसटी के तहत स्टांप ड्यूटी की दरों में कमी या इसके समावेशन की उम्मीद भी जताई जा रही है.

रेलवे:

रेल बजट का फोकस सुरक्षित, तेज और बेहतर बुनियादी ढांचे पर होगा. पीयूष गोयल जो रेल मंत्री भी हैं, द्वारा नई ट्रेनों की घोषणा करने की संभावना नहीं है हालांकि वह कुछ मौजूदा ट्रेनों की गति बढ़ाने की घोषणा कर सकते हैं. रेल बजट के 1,60,000 करोड़ रुपये का होने की संभावना है जिसमे रेलवे को परिवहन का एक सुरक्षित तरीका बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है. ट्रेन प्रोटेक्शन वार्निंग सिस्टम, जीपीएस सक्षम ट्रेन ट्रैक सिस्टम, एडवांस्ड मशीनरी के साथ ट्रैक रखरखाव के उपायों की घोषणा भी हो सकती है. वह अन्य सेवाओं के साथ 600 अतिरिक्त रेलवे स्टेशनों, लिफ्टों, वाई-फाई व एस्केलेटर जैसी यात्री सुविधाओं में वृद्धि की घोषणा कर सकते हैं.

बैंकिंग क्षेत्र:

कम मुद्रास्फीति और संभावित ब्याज दरों में कटौती के बावजूद, निवेशक बांड खरीदने से सावधान रहे हैं. मोदी सरकार का लक्ष्य निवेशकों में इस डर भागना होगा. बजट में सार्वजनिक क्षेत्र के सामान्य बीमाकर्ताओं के लिए अतिरिक्त पूंजी की पेशकश की जा सकती है. बैंकों में अतिरिक्त 1-2 करोड़ रुपये के पूंजी निवेश की मांग है. बैंक ई-केवाईसी नियमों में ऋण देने की प्रक्रिया को सरल बनाने और पारदर्शिता लाने की उम्मीद करेंगे. बैंकरों को उम्मीद होगी कि सावधि जमा पर टीडीएस मौजूदा 10,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये किया जा सकता है.

(पाइए हर खबर अपने फेसबुक पर । LIKE कीजिये PUBLICLOKPAL का फेसबुक पेज)

निम्नलिखित टैग संबंधित खबरें पढ़े :

# interim budget 2019 # union budget 2019 # public lokpal # plnews