कमलनाथ सरकार के इस फैसले को लगा एमपी हाई कोर्ट से झटका

Reported by lokpal report

19 Mar 2019

72

 


जबलपुर: कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के एक फैसले बड़ा झटका लगा है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने मंगलवार को तीन मेडिकल छात्रों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए ओबीसी कोटे को मौजूदा 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किये गए फैसले को ख़ारिज कर दिया है।

जस्टिस आरएस झा और संजय द्विवेदी की दो-जजों की बेंच ने आदेश दिया कि एमबीबीएस सीटों के लिए काउंसलिंग, जो 25 मार्च से शुरू हो रही है, ओबीसी को दिए गए 14 प्रतिशत आरक्षण के अनुसार किया जाएगा। उच्च न्यायालय ने राज्य के चिकित्सा शिक्षा विभाग को भी नोटिस दिया है, इस मामले पर एक सप्ताह के भीतर जवाब देने की मांग की है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि जाति के आधार पर आरक्षण का कुल प्रतिशत 50% से अधिक नहीं हो सकता है, जबलपुर की असिता दुबे, भोपाल की ऋचा पांडे और सुमना सिंह ने मप्र सरकार के ओबीसी कोटा में वृद्धि का विरोध करते हुए याचिका दायर की थी।

सीएम कमलनाथ ने एक बयान में कहा, "हम कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ले रहे हैं और दी गई तारीख पर अदालत में अपना जवाब पेश करेंगे।" उन्होंने कहा कि तमिलनाडु 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण देता है, और उनकी सरकार ओबीसी कोटा बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

कमलनाथ सरकार ने इस महीने की शुरुआत में एक गजट नोटिफिकेशन के माध्यम से घोषणा की थी कि वह राज्य में ओबीसी के लिए आरक्षण को 27% तक बढ़ाएगी, इसे केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए कोटे के बराबर लाया जाएगा। ओबीसी कोटे में बढ़ोतरी के फैसले को कमलनाथ कैबिनेट ने 6 मार्च को मंजूरी दी थी।

50 प्रतिशत आरक्षण की कानूनी सीमा के अनुसार, मध्य प्रदेश अब तक एससी को 16 प्रतिशत, एसटी को 20 प्रतिशत और ओबीसी को 14 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करता है।

(पाइए हर खबर अपने फेसबुक पर । LIKE कीजिये PUBLICLOKPAL का फेसबुक पेज)

निम्नलिखित टैग संबंधित खबरें पढ़े :

# kamalnath # obc quota # public lokpal # plnews